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मंगलवार, 14 फ़रवरी 2012

बच्चे का मन पढ़ाई में न लगे तो....



Posted by Unknown at मंगलवार, फ़रवरी 14, 2012
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कब मिलेगा आपको वाहन जन्म कुंडली में यह निर्णय करने के लिए जातक को वाहन सुख कब मिलेगा निम्नलिखित दशाओं पर विचार किया जाता है। इनके आधार पर ही वाहन सुख प्राप्त होगा। चतुर्थेश की दशा-अंतर्दशा में वाहन सुख का योग बनता है। यदि चतुर्थेश बली हो, तो व्यक्ति के कार खरीदने के योग बनते हैं। ... लग्नेश का संबंध चतुर्थ भाव एवं चतुर्थेश से हो, तो उसकी दशा-अंतर्दशा में वाहन सुख प्राप्त होता है। चतुर्थेश उच्च राशि में हो, तो उसकी महादशा में अनेक वाहनों की प्राप्ति होती है। चतुर्थेश बली हो, तो चतुर्थेश के नक्षत्र में स्थित ग्रह की दशाओं में वाहन सुख का पूर्ण योग बनता है। जैसे कुंभ लग्न की कुंडली में चतुर्थेश शुक्र चतुर्थ भाव में स्वराशि में स्थित हो तथा शनि यदि शुक्र के नक्षत्र में हो, तो शनि की दशाओं में जातक को वाहन सुख प्राप्त होगा। चतुर्थेश यदि द्वितीय भाव में स्थित हो तथा लग्नेश का संबंध, युति या दृष्टि संबंध चतुर्थ भाव या द्वितीय भाव से हो, तो जातक को पारिवारिक सहयोग से वाहन का सुख प्राप्त होगा। यदि चतुर्थेश का संबंध सप्तम एवं अष्टम भाव से हो, तो ससुराल के सहयोग से वाहन का सुख प्राप्त होता है। अष्टमेश की दशा में यह सुख प्राप्त होता है। भाग्येश का संबंध चतुर्थ भाव, चतुर्थेश से होने पर जातक को भाग्यवश वाहन की प्राप्ति होती है। धनेश यदि चतुर्थ भाव में स्थित हो अथवा धनेश चतुर्थेश के साथ स्थित हो, तो धनेश की दशा में जातक को वाहन सुख प्राप्त होता है। लग्नेश एवं चतुर्थेश में नक्षत्र परिवर्तन योग हो, तो लग्नेश एवंं चतुर्थेश की दशा में वाहन सुख मिलता है।See More
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