शुक्रवार, 9 मार्च 2012

श्री शक्तिपीठ हनुमत् आश्रम,किदवई नगर,कानपुर

                                             ॥श्री गणेशाय नमः॥"जय श्री राम"



श्री शक्तिपीठ हनुमत् आश्रम,किदवई नगर,कानपुर  
                                                              (संस्कृत पाठशाला)


पूजा एवं कर्मकांड के लिए संपर्क करें.आपका कोई भी कार्य नही हो रहा हैं तो समपर्क करें.........तंत्र मंत्र यंत्र आदि से संबंधित कार्यों के लिए संपर्क करें --  ज्योतिषाचार्य पंडित विमल कुमार द्विवेदी

            Mo..No.-09839253683 


. नवग्रह पूजन:
नवग्रह पूजन करने से कुंडली समस्त दोष दूर हो जाते हैंजैसे - शादी न होना, मांगलिक दोष, कालसर्प दोष, घर में क्लेश नौकरी में अस्थिरता आदि|

. मूल नक्षत्र शांति:
अगर आपका बच्चा या आप मूलों में पैदा हुए है तो इसकी शांति अवश्य करनी चाहिए अन्यथा चोट, दुर्घटना, स्वास्थ्य ख़राब रहना, अल्पायु होना जैसी तकलीफें हमेशा बनी रहती हैं |

. मंगलिक योग शांति:

अगर आपकी कुंडली में मंगलिक दोष है और शादी नहीं हो रही है या होकर टूट जाती है पति पत्नी की मृत्यु हो जाती है तो इस पूजा को अवश्य करना चाहिए|

. कालसर्प योग शांति


अगर आपकी जिंदगी में हर कम रूकावट के साथ होता है या देरी से होता है या आप बहुत मेहनत करते हैं लेकिन उसका परिणाम अच्छा नहीं होता है तो कालसर्प योग की शांति करनी चाहिए |

. पितृदोष -  

शांति:यह पिछले जन्म के पाप कर्म के कारण लगता है | जिसके कारण शादी होना या होकर टूटना, बच्चे होना या होकर मृत्यु होना, या लगातार स्वास्थ्य ख़राब  रहना जैसी  समस्याएँ   बनी रहती हैं | इस दोष की पूजा करने से इनचीजों में लाभ मिलता है

. नामकरण पूजा:


जब बच्चा पैदा होता है तो उसका नाम नक्षत्र-राशी के हिशाब से रखना चाहिए, इससे उसकी जिंदगी में हमेशा समृद्धि रहती है तथा नाम प्रसिद्धहोता है | अगर नाम नक्षत्र - राशी के अनुसार नहीं है तो विवाह, गृह प्रवेश, यज्ञ,पूजा में अशुद्धता जाती है |

. गृह प्रवेश पूजा:

अगर आप नया पुराना मकान खरीदते हैं और उसमे प्रवेश करना चाहते है तो उसमे प्रवेश करने से पहले गृह प्रवेश पूजा अवश्य करनी चाहिए | ऐसा करनेसे मकान धन-धान्य, बच्चे, सुख-समृद्धि, लम्बी आयु होती है तथा ऐसे घर मेंरहने से कोई तकलीफ नहीं होती |

. बल गोपाल यज्ञ:


जिन दम्पतियों को बच्चे नहीं होते या गर्भपात हो जाते है या गर्भ में बच्चा विकसित नहीं होता तो बाल गोपाल यज्ञ या पुत्रष्ठी यज्ञ से पुत्र कीप्राप्ति भी होती है |

. महामृत्युंजय 
यज्ञ:

अगर आप बार-बार बीमार पड़ते है, स्वास्थ्य खराब रहता है लगातार दुर्घटनायें होती रहती है या मृत्युतुल्य कष्ट रहता है, आप भयंकर लम्बी बिमारियों से जूझ रहे है जैसे- टी.बी., कैंसर, बेहोशी, एड्स आदि तो आपको महामृत्युंजय यज्ञ जरूर करना चाहिए | इससे मृत्यु पर भी विजय प्राप्त की जा सकती है |

१०. महालक्ष्मी पूजन:


दिवाली के दिन इस पूजन को विधिवित करने से पूरे साल भर धन की कमी नहीं रहती, लक्ष्मी प्रसन्न रहती है, घर में शांति रहती है तथा देवी-देवता खुश होते है |  

११. रुद्राभिषेक:


यह पूजा भगवान शिव को खुश करने के लिए की जाती है | इस पूजा को करने से शारीर में व्याप्त नकारात्मक उर्जा समाप्त हो जाती है तथा भगमान शिव खुश होते है |

१२. कर्जमुक्ति:अगर आपकी कुंडली में दरिद्र योग या केन्द्रम योग बना हुआ है तो हमेशा कर्जा बना रहता है, पैसा नहीं रुकता कर्जामुक्ति यज्ञ कराने से पिछले जन्म के दोष ख़त्म हो जाते है धन की वृद्धि होती है |


१३. विधवा योग:


अगर आपकी कुंडली में विधवा योग बना हुआ है, पति सुख नहीं है तो आपको इसकी पूजा करनी चाहिए | विधवा योग की पूजा करने के बाद ही शादी करनी चाहिए या दूसरी शादी करनी चाहिए |

१४. दरिद्र योग शांति:


अगर आपकी कुंडली में दरिद्र योग बना हुआ है जिसके कारण आपके पास धन नहीं रुकता है व्यापार अच्छा चलता है लेकिन जिंदगी में उतर चढ़ाव बने रहते है तो आपको इस योग की शांति कराने से धन का स्थायित्व हो जायेगा |

१५. चाण्डाल योग:


अगर आपकी कुंडली में चाण्डाल योग है जिसके कारण पति या पत्नी की मृत्यु या स्वयं की दुर्घटना होना जैसे योग बनते है तो इसकी पूजा अवश्य करानीचाहिए |

१६. मूर्ति स्थापना:


अगर आप अपने घर में मंदिर बनाते है तो आपको उसमे मूर्ति स्थापना करनी चाहिए या आप गणेश स्थापना करते है तो इन मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा अवश्य करनी चाहिए | ऐसा करने से इन मूर्तियों में देवता का वास होता हैऔर हमे लाभ प्राप्त होता है |


१७. शनि साढ़ेसाती:


अगर आपकी कुण्डली में शनि की साढ़ेसाती चल रही है जिसके कारण आपका स्वास्थ्य, वैवाहिक जीवन, संतान कष्ट, पढाई में बाधा रूकावट हो रही है तो शनि शांति से लाभ मिलता है |

१८. कलश-स्थापना:


अगर आप नवरात्रों में पूजा करते है या राम कथा, श्रीमद भागवत कथा, या बड़ा यज्ञ करते है तो कलश स्थापना कराने से लाभ मिलता है | इससे हमारीपूजा में स्थापित्व जाता है और पूजा का लाभ मिलता है |

१९. बगुलामुखी यज्ञ:


अगर आपको जिंदगी हमेशा शत्रु परेशान करते है, आपका मुक़दमा चल रहा है जो शत्रुओं को दबाने के लिए उनका विनाश करने के लिए बगुलामुखी यज्ञ कराना चाहिए |

२०. विवाह फेरे डालना:


विवाह में शास्त्रोक्त विधि से फेरे कराना |

२१.महालक्ष्मी पूजन:


माँ लक्ष्मी का विधिवत पूजन |




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